पिछले ब्लॉग पर कई सकारात्मक जवाब मिले और कुछ सुझाव और सवाल भी मिले। किसी मित्र ने सवाल किया कि स्मार्ट सिटीजन कैसे होते है? और सुझाव दिया कि जवाब को अपने ब्लॉग के जरिए सबसे साझा करू। यह ब्लॉग उसी संदर्भ में :
स्मार्ट सिटीजन में सिविक सेंस अच्छा होता है। अच्छे सिविक सेंस के कुछ उदाहरण :
📌 वे सड़को, गलियों और सार्वजनिक संपत्ति को साफ सुथरा रखते है।
📌 सार्वजनिक स्थान पर न थूकते है और ना सिगरेट पीते हैं।
📌 पंक्ति में अनुशासन से चलते हैं और अपनी बारी का नियमानुसार इंतजार करते है।
📌 अपने और दूसरो के समय की कद्र करते है।
📌 अन्य नागरिकों का सम्मान और बड़ो की मदद करते हैं।
📌 ट्रैफिक नियमों का पालन करते है। हॉर्न नही बजाते। अपनी कार को अगली कार से निश्चित दूरी (इतनी दूरी कि पिछली कार के ड्राइवर को आगे वाली कार के टायर नजर आए) पर रखते हैं। निर्धारित स्थान पर पार्किंग करते है, ताकि अन्य नागरिकों को दिक्कत न हो।
📌 समय पर टैक्स, कर्ज और बिलों का भुगतान करते है।
📌 मतदान करते हैं।
हम भारतीय अपनी सभ्यता पर गर्व करते है। क्या हम अपने सिविक सेंस पर गर्व कर सकते हैं? अगर आपको गर्व है तो आपको धन्यवाद। अगर गर्व नही है तो इन छोटी छोटी बातो को जीवन का हिस्सा बना कर हम अपने सिविक सेंस पर भी गर्व कर सकते है और स्मार्ट सिटीजन होने का उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं।
सामाजिक नैतिकता तभी स्थापित होगी जब समाज के जिम्मेदार नागरिक अच्छे सिविक सेंस का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। एक जिम्मेदार नागरिक की मिसाल बनकर जागरूकता फैलाएं। यदि आप कूड़ा-कर्कट करेंगे, तो अन्य लोग अनुसरण करेंगे। जो बदलाव आप चाहते हैं, वह बनें।
आइए हम छोटे बदलाव कर अपने शहर को स्मार्ट सिटी बनाए
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