सोमवार, 7 नवंबर 2022

क्या आप घर खरीदने के लिए आर्थिक रूप से तैयार हैं? (7 Nov 2022)

क्या आप घर खरीदने के लिए आर्थिक रूप से तैयार हैं?

✒️ रमेश टेहलानी ब्लॉग

सौरभ मेहता 32 साल के हैं और एक प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनी के लिए काम करते हैं। वह जल्द ही शादी कर रहा है और इसलिए एक घर खरीदना चाहता है। उसकी आय स्थिर है और वह काफी समय तक उसी शहर में रहने की उम्मीद करता है। मेहता जानते हैं कि यह एक बड़ा वित्तीय निर्णय होगा, जिसका उसकी वित्तीय स्थिति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि घर खरीदने के वित्तीय पहलू यथासंभव सुगम हों और अब तक के जीवन की सबसे महंगी खरीद के लिए तैयार हो। 
सौरभ मेहता को लंबी अवधि की वित्तीय प्रतिबद्धता बनाने के लिए तैयार रहना चाहिए जो एक घर खरीदने के लिए जरूरी है क्योंकि इसके लिए उसे अपने खर्च और बचत की आदतों को बदलना पड़ सकता है, कम से कम निकट भविष्य के लिए तो। बदलाव को यथासंभव सहज बनाने के लिए, उसे पहले घर के लिए एक बजट तय करना होगा। यह ईएमआई चुकाने की जिम्मेदारी पर निर्भर करेगा कि क्या वह बिना परेशानी चुकाने में सक्षम होगा। इसकी गणना करने का एक प्रभावी तरीका एक घरेलू बजट तैयार करना है, जो भविष्य में उसकी बढ़ी आय के साथ-साथ उसके परिवार के बढ़ने के साथ-साथ बड़े खर्चों पर विचार करेगा। 
अन्य तत्काल वित्तीय आवश्यकता जिसके लिए उसे तैयार रहना चाहिए, वह डाउन पेमेंट होगी जिसका उसे भुगतान करना होगा। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां आमतौर पर घर की कीमत के लगभग 20% पर इसका मूल्यांकन करती हैं। मेहता को इस राशि के लिए भी बचत और निवेश से व्यवस्था करनी चाहिए जो उन्होंने पिछले वर्षों में की है। मेहता के लिए एक लंबे समय के लिए प्रतिबद्ध होने के लिए एक अच्छा संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है, घर लेने का निर्णय उनकी आय पर बहुत अधिक दबाव डालेगा और अतिरिक्त खर्चों में कटौती के लिए के लिए मानसिक दबाव रहेगा। 
जिस घर पर वह विचार कर रहा है वह कम से कम अगले 8 से 10 वर्षों के लिए अपने परिवार की रहने की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए और ऐसा करने के लिए उसे आगे बढ़ने के लिए तैयार होना चाहिए। दूसरी ओर, उसे बजट की अधिकता से सावधान रहना चाहिए क्योंकि उसे घर खरीदने की प्रक्रिया से संबंधित अन्य लागतों को भी पूरा करना होगा, जैसे कि ब्रोकर फीस, स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के साथ-साथ घर की साज-सज्जा से संबंधित खर्च। बजट में कोई भी अतिरेक उसकी आय पर दबाव डालेगा। मेहता द्वारा अपना बजट तय करने के बाद, उन्हें अच्छी होम लोन शर्तों के लिए जानकारी एकत्र करनी चाहिए और एक प्री अप्रूव्ड होम लोन स्वीकृति प्राप्त करनी चाहिए ताकि वह अपने पसंदीदा घर को सिर्फ इसलिए न खोएं क्योंकि वित्त का इंतजाम नहीं था। उसे उस होम लोन की संरचना में विकल्पों की तलाश करनी चाहिए जो उसकी जरूरत के अनुरूप हो, जैसे स्टेप-अप लोन जो उसे बाद में लोन अवधि में उच्च ईएमआई का भुगतान करने की अनुमति देगा, जब उसकी आय अधिक होगी। इसी तरह, उसे अपने निवेशों को समाप्त करना शुरू करना चाहिए, यह धन डाउन पेमेंट देने के समय काफी काम आयेगा। नकदी की उपलब्धता होने पर लाभदायक सौदे होने की संभावना बढ़ जाती है। 

यह सब करने से यह सुनिश्चित होगा कि मेहता अपने वित्तीय जीवन में इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर से निपटने के लिए तैयार हैं।

एक सफल रियल एस्टेट ब्रोकर के 10 गुण !! (28-oct-22) (सम्पत्ति क्रेता विक्रेता के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी)




👉अधिकांश होम सेलर्स को रियल एस्टेट ब्रोकर्स के साथ बहुत कम अनुभव होता है। इस कारण से वे एक अच्छे रियल एस्टेट ब्रोकर को तब सही तरह जान नही पाते। और जब अच्छे बुरे की पहचान होती है, तब तक काफी देर हो जाती है। एक उत्कृष्ट रियल एस्टेट ब्रोकर का उद्देश्य होता है, सभी संसाधनों का सही उपयोग कर सही तरीके से सम्पत्ति विक्रय की प्रक्रिया को पूर्ण करवाना। 

📍यहां अच्छा काम करने वाले रियल एस्टेट ब्रोकर की शीर्ष विशेषताएं दी गई है ।

🚹स्थानीय ज्ञान: आसपास के क्षेत्र और वहां की कीमतों की सही जानकारी होना, इस बिजनेस में सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटक हैं। एक नया व्यक्ति जिसने कभी रियल एस्टेट क्षेत्र में लेन देन ना किया हो, वह कई मायनों में नौसिखिया हो सकता है। वह कम से कम जोखिम के साथ सही सम्पत्ति खरीदने की इच्छा से जानकर रियल एस्टेट ब्रोकर को चुनता है। 
सम्पत्ति विक्रेता भी ऐसे एक्सपर्ट को चाहता है जो उसे बेहतर कीमत दिला सके और लेनदेन प्रक्रिया को आसान कर उसका जीवन सुखपूर्ण बनाने में मददगार साबित हो। 

⏱️व्यवस्थित/डिटेल पर ध्यान रखने वाला : संगठित, नियोजित रियल एस्टेट ब्रोकर जिसे इस व्यवसाय की बारीकियों की अच्छी जानकारी होती है, उसे संपत्ति बेचने में आसानी होती है, खास तौर से मंदी के दौर में। एक एक्सपर्ट ब्रोकर विक्रेता को बताता है कि उसकी सम्पत्ति में क्या छोटे छोटे बदलाव कर बिक्री की संभावना में बढ़ोतरी हो सकती है। वे सम्पत्ति दिखाने के बाद जल्द फॉलोअप और फीडबैक लेते है। वे तुरंत कॉल का जवाब देते है। और तय समय पर मुलाकात करते है। 

🫂कनेक्शन और नेटवर्क : शीर्ष एजेंट संभावित खरीदारों की सूची के साथ घर आते हैं। वे क्षेत्र के अन्य दलालों को भी जानते हैं, और अगर विक्रेता सम्पत्ति को जल्द बेचना चाहते हैं तो वे दूसरे ब्रोकर के साथ काम करने को तैयार हैं।

🏃‍♂️लगन : विक्रेता एक ऐसा ब्रोकर चाहते हैं जो दृढ़ हो। हर बार घर दिखाए जाने के बाद वे तुरंत फॉलोअप करते हैं। वे कड़ी मेहनत करते दिखाई देते हैं और वे शायद ही कभी हार मानते हैं।

🕺जोशीला लेकिन विनम्र रवैया: अच्छा ब्रोकर बोलने से नहीं डरता। उसे विक्रेता के घर के बारे में उतना ही प्रचार करना चाहिए जैसे कि वह उनका अपना घर हो। एग्रेसिव होकर, अच्छा ब्रोकर सम्पत्ति को स्थानीय बाजार में सबसे आगे रखने के लिए कड़ी मेहनत करता है।

🕴️गुड लुकिंग (ग्रूमिंग): एक अच्छे रियल एस्टेट ब्रोकर को अच्छा दिखना भी जरूरी है। अच्छे कपड़े, जूते, घड़ी, गाड़ी में निवेश के रिटर्न्स काफी बेहतर रहते है। ऐसा करने से ब्रोकर का आत्म विश्वास भी अच्छा रहता है और संभावित ग्राहक भी सहज महसूस करता है। 

📱आधुनिक तकनीक का ज्ञान : नई तकनीक और नए ट्रेंड की अप-टू-डेट जानकारी रखने वाला रियल एस्टेट ब्रोकर प्रतियोगिता में आगे ही रहता है। सम्पत्ति के क्रेता और विक्रेता ऐसे रियल एस्टेट ब्रोकर को वरीयता देते है। 

😇ईमानदारी : विक्रेताओं को एक ईमानदार ब्रोकर की आवश्यकता होती है, जो उन्हें वैसा ही बताए, जैसा वह है, भले ही वे सुनने में आसान न हों। सम्पत्ति की बिक्री की कीमत, सही वैल्युएशन, लीगल पहलू, प्रक्रिया, वित्त, अतिरिक्त खर्च की सही जानकारी की ग्राहक को उम्मीद रहती है। ईमानदारी क्रेता और विक्रेता दोनो को व्यर्थ चिंता से बचाती है।

🦾मेहनती: एक ब्रोकर को अथक दिखना चाहिए और प्रत्येक घर की बिक्री पर ऐसे काम करना चाहिए जैसे कि यह उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीज थी।

🖥️मजबूत ऑनलाइन उपस्थिति: एक ब्रोकर की ऑनलाइन उपस्थिति मजबूत होनी चाहिए। एक फेसबुक पेज और एक साफ-सुथरी वेबसाइट होने से एक सफल ब्रोकर की उपस्थिति में इजाफा होता है।

👥ये सफल रियल एस्टेट ब्रोकर्स के सबसे सामान्य गुण हैं। इन गुणों का अनुकरण करें और आप अधिक सफल होंगे, चाहे इस समय बिक्री का माहौल कितना भी कठिन क्यों न हो. 🙏😊

सोमवार, 26 सितंबर 2022

कुछ निवेश संबंधित सत्य (25 Sept 2022)

कुछ निवेश संबंधित सत्य

✒️ रमेश टेहलानी ब्लॉग✒️

शेयर और प्रोपर्टी बाजार में निवेश के 20 वर्ष से अधिक समय बिताने के बाद इन सच का सामना हुआ : 
1. अगर आप कम समय (3 वर्ष से कम) के लिए निवेश करना चाहते है तो इसके लिए शेयर मार्केट और प्रोपर्टी मार्केट सही विकल्प नहीं है। 
2. अगर आप अधिक रिटर्न्स कमाना चाहते है तो अधिक जोखिम उठाना होगा। 
3. अगर आप स्थिरता चाहते है तो कम लाभ स्वीकारना होगा। 
4. उच्च प्रत्याशित लाभ वाली कोई भी निवेश रणनीति नुकसान की उम्मीद के साथ आनी चाहिए।
5. शेयर बाजार में ऊपर और नीचे जाना आम बात है। प्रोपर्टी बाजार में तेजी के बाद मंदी और मंदी के बाद तेजी जरूर आती है। 
6. अगर शेयर या प्रोपर्टी बाजार के जोखिम से बचना है तो सबसे आसान काम है बैंक में नकदी रखना। 
7. जोखिम का आकार या रूप बदल सकता है लेकिन यह कभी दूर नहीं होता। 
8. निवेश में कोई परफेक्ट प्लानिंग जैसी चीज नही होती और कोई भी निवेशक हर समय सही नही होता। 
9. कोई भी निवेश रणनीति हर समय बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकती है। 
10. लगभग कोई भी निवेशक थोड़े समय के लिए बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
11. प्रतिभा हमेशा बेहतर निवेश परिणाम में तब्दील नही होती है। 
12. "मुझे नहीं पता" लगभग हमेशा सही उत्तर होता है जब कोई आपसे पूछता है कि बाजारों में क्या होने वाला है।
13. बाजार से बेहतर कमाना कठिन है (लेकिन यह असंभव नहीं है)।
14. चक्रवृद्धि ब्याज अद्भुत है लेकिन इसे काम करने में वास्तव में लंबा समय लगता है।
15. बाजार इस बात की परवाह नहीं करता कि आप किसी स्टॉक या प्रोपर्टी के बारे में कैसा महसूस करते हैं या आपने उसके लिए कितनी कीमत अदा की है। 
16. सिर्फ चाहने से बाजार अधिक लाभ नहीं देता।
17. भविष्य की भविष्यवाणी करना कठिन है।
18. बाजार में मंदी से आश्चर्यचकित न हो, यह बाजार चक्र का हिस्सा है। 
19. सफल निवेश आईक्यू या शिक्षा की तुलना में व्यवहार और स्वभाव के बारे में अधिक है।
20. आप वॉरेन बफेट नहीं हैं।

शुक्रवार, 22 जुलाई 2022

राजनीति और स्मार्ट सिटीजन (22-July-2022)



राजनीति और स्मार्ट सिटीजन

आज एक परिचित श्री के डी शर्मा जी ने एक व्यंग्य भेजा, जो आपसे साझा कर रहा हूं, उसके बाद अपनी बात रखूंगा। 

व्यंग्य है :
जन प्रतिनिधि व्यापार
कुछ वर्षों से चुने हुए जन प्रतिनिधियों के खरीद फरोख्त का बाज़ार बहुत ही गर्म है। 
जब देखता हूँ इसका इतना बड़ा पैमाना, 
तो बहुत ही उचित लगता है इसको क़ानूनी जामा पहनाना।
मुझे लगता है इसके लिए सरकार कोई निश्चित कदम उठाए और इसे अर्थव्यवस्था के बड़े हाशिये पर लाए।
इसके लिए ज़रूरी है कि संविधान में आमूलचूल संशोधन किया जाए और एक ‘जन प्रतिनिधि बाज़ार’ बिल पारित किया जाए।
चुने हुए जन प्रतिनिधियों को ‘कमोडिटी’ या राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया जाए।
शुरू में सांसदों और विधायकों को ही इसकी परिभाषा में लाया जाए।
धीरे-धीरे कमोडिटी एक्सचेंज की तर्ज पर इसका विकास किया जाए।
जब विकसित होने लगे यह बाज़ार, तब ऊपर से नीचे ग्राम सरपंच की पायदान तक पहुँचा जाए।
इस एक्सचेंज में चुने हुए जन प्रतिनिधियों की लिस्टिंग की जाए।
अधिकाधिक आपराधिक मामलों व अंदाजित अघोषित संपत्ति वालों को प्रीमियम लिस्टिंग प्राइस से सम्मानित किया जाए।
इस तरह एक नई और सुदृढ़ आर्थिक व्यवस्था उभर कर आएगी और माँ भारती इनके मूल्यों पर नौ-नौ आँसू बहाएगी।
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प्रासंगिक होने के कारण यह मुझे बहुत पसंद आया, उम्मीद है आपको भी अच्छा लगा होगा। कुछ दिनों से राजनीति के माहौल में जी रहा हूं तो लग रहा है कि सत्ता पाने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते। धन, बल, समय, ऊर्जा का निवेश कर सत्ता पाने के बाद मुनाफा कमाने को राजनीति में गलत नही माना जाता, हालांकि नैतिकता के विरुद्ध है, पर यही राज्य नीति मानी जाती है। फिर सत्ता में आने के बाद सरकारें कर्जे लेकर खर्च करते है, अब कितना कहां खर्च होता है, अभी वह चर्चा का विषय नहीं। लगभग सभी राज्यों और देश पर काफी अधिक कर्ज है, जो गंभीर मुद्दा है। फाइनेंस में एमबीए हूं, अर्थशास्त्र की समझ होने के कारण मैं इतना जानता हूं अगर आमदनी से अधिक खर्च रहेगा तो भविष्य अच्छा नहीं रहेगा, चाहे परिवार हो, कम्पनी हो या राज्य देश हो। शायद इसीलिए अमीर लोग देश छोड़कर जा रहे है, शायद उनको भविष्य का अंदाजा लग गया है। इसलिए यह एक gap है, problem है। बिजनेस जगत में gap या प्रोब्लम को अवसर माना जाता है, ताकि gap/प्रोब्लम का समाधान/उत्पाद/सेवा का आविष्कार हो और जिसे बिजनेस प्रॉफिट में बदल सके। बिजनेस चलाने के लिए मैनेजमेंट होता है जो आय को बढ़ाने और खर्च कम करने का प्रयास करता है और मुनाफे और ग्राहक संतुष्टि को बढ़ाने का प्रयास करता है। 
यह हम स्मार्ट सिटीजन की जिम्मेदारी है खासकर उस व्यवसायी वर्ग की जो देश और राज्य को मुनाफे में लाने के लिए विचार दे सके और सोशल मीडिया पर शेयर कर जन प्रतिनिधियों पर दबाव डाले ताकि हमारा देश फिर से विदेशियों के लिए निवेश का केंद्र बन सके और देश/राज्य पर लगे कर्ज को हटा सके। कुछ छोटे विचार मेरे मन में आये, जिस पर विचार और काम कर के देश की बेरोजगारी और महंगाई पर नियंत्रण किया जा सकता है।

👉 बेरोजगारी की वजह होती है पर्याप्त काम की कमी और महंगाई की वजह होती है वस्तुओ की सप्लाई से अधिक डिमांड। सर्वाधिक मांग खाद्य पदार्थो की होती है। अगर ऐसी योजना या नीति बन सके जो बेरोजगार युवकों को खाद्य पदार्थो की सप्लाई बढ़ाने में लगा सके जैसे खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर निर्यात योग्य और अधिक डिमांड वाली फसल उगा सके।
 👉रियल एस्टेट क्षेत्र लेबर की कमी से जूझ रहा है, अगर उस क्षेत्र में स्किल्ड लेबर की सप्लाई बढ़े तो निर्माण लागत में कमी आ सकती है, जिससे महंगाई कम होगी। 
 👉इजराइल में 90% घरों में सोलर ऊर्जा है। हमारे देश/राज्य सरकारों को अग्रेसिव होकर इस क्षेत्र में काम करे तो बिजली की कटौती और महंगी दरों की समस्या से निजात मिल सकती है। नए घरेलू छोटे विंड टरबाइन भी काफी बिजली का निर्माण करते है। ऊर्जा नीति में बदलाव और अच्छी ईमानदार नियत से यह संभव है। 
👉 जिस प्रकार लिस्टेड कंपनी के प्रदर्शन के आधार पर शेयर की कीमतों में उछाल और गिरावट होती है, अगर इसी विचार पर सरकारों का भी स्टॉक हो और निष्पक्ष सूचकांक हो और उसमे निवेश करने का विकल्प हो तो लोग अच्छी सरकारों में निवेश करेंगे और बुरी सरकारों के लिए अगला चुनाव हारने का खतरा रहेगा। जन प्रतिनिधियों की रेटिंग हो तो सोने पे सुहागा। 
हालांकि यह विचार अभी अजीब और असंभव लग सकता है, लेकिन ऐसी कई असंभव चीजे इतिहास में संभव हुई है। 

अगर आपके मन में भी कोई विचार हो तो साझा करे ताकि हम कुछ प्रयास कर देश की प्रगति में योगदान कर सके। अगर इस ब्लॉग पर आपके कोई विचार हो तो भी अवगत कराए। 

आभार 
रमेश टेहलानी 





गुरुवार, 7 जुलाई 2022

धूल के एक कण में (19-Mar-2022)

धूल के एक कण में
आपने गूगल earth के बारे में सुना होगा। यह आपको मोबाइल/कंप्यूटर में बहुत सुलभ ग्राफिक्स में दुनिया के नक्शे देखने की अनुमति देता है। इसका उपयोग मनोरंजन और सूचना के लिए किया जाता है। हम बहुत तेजी से बदलती दुनिया में रह रहे है, वह दुनिया इस तस्वीर में है। यह छोटे नीले रंग का बिंदु हमारी दुनिया है, जो वैश्विक शहर बनने की इच्छा रखता है।

लगभग 4 अरब मील से देखा गया, पृथ्वी गहरे अंतरिक्ष के भीतर एक छोटे से बिंदु के रूप में दिखाई देती है: नीला-सफेद धब्बा प्रकाश के सबसे दाहिने बैंड से लगभग आधा ऊपर होता है। कार्ल सैगन ने इस नीले बिंदु का वर्णन किया है ( तस्वीर देखे)
उस बिंदु को फिर से देखें। वह यहाँ है। वह घर है। वो हम हैं। इस पर हर कोई जिसे आप प्यार करते हैं, जिसे आप जानते हैं, हर कोई जिसके बारे में आपने कभी सुना है, हर इंसान जो कभी था, जिसने अपना जीवन व्यतीत किया। हमारे सुख-दुख का समुच्चय, हजारों विश्वासी धर्म, विचारधाराएं, और आर्थिक सिद्धांत, हर शिकारी और चारागाह, हर नायक और कायर, सभ्यता का हर निर्माता और विध्वंसक, हर राजा और किसान, प्यार में हर युवा जोड़ा, हर मां और पिता, आशावान बच्चा, आविष्कारक और खोजकर्ता, नैतिकता के हर शिक्षक, हर भ्रष्ट राजनेता, हर "सुपरस्टार," हर "सर्वोच्च नेता," हमारी प्रजाति के इतिहास में हर संत और पापी वहाँ रहते थे - निलंबित एक धूप की किरण में, धूल के एक कण में।

(अनुवाद : रमेश टेहलानी)

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसकी रजिस्ट्री फर्जी तो नहीं है, इसकी पुष्टि कैसे करें? ( 19-Mar-2022)

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसकी रजिस्ट्री फर्जी तो नहीं है, इसकी पुष्टि कैसे करें?

जो शब्द "रजिस्ट्री" प्रयोग हुआ है, तकनीकी रूप से इस नाम का कोई दस्तावेज़ (लेख पत्र) नहीं होता है।

जहां तक मेरी जानकारी है, लोग आम बोलचाल की भाषा में किसी अचल संपत्ति से संबंधित लेख पत्र/ विक्रय पत्र को रजिस्ट्री बोलते हैं।

यदि आपका तात्पर्य प्लॉट से संबंधित इसी लेखपत्र से है तो अब आते हैं आपकी मूल समस्या पर कि क्या किसी प्लॉट का विक्रय पत्र( रजिस्ट्री) फर्जी तो नहीं है???…..

प्लॉट या किसी भी अचल संपत्ति के मूल विलेख(विक्रय पत्र) की सत्यता का पता लगाना बहुत आसान है।

सबसे पहले मैं ये बता दूं कि भारत वर्ष में प्रत्येक अचल संपत्ति के स्वामित्व का रिकॉर्ड सरकारी विभाग में विधिवत रखा जाता है।

यदि आपको किसी प्लॉट या अन्य स्थावर संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित विलेख (विक्रय पत्र इत्यादि) की सत्यता की जांच करनी है तो आपको उस सरकारी विभाग में संपर्क करना होगा जिसके क्षेत्राधिकार में वह प्लॉट/ संपत्ति है।

इसके लिए राज्यों में अलग अलग नामों से सरकारी कार्यालय होते हैं। अधिकतर राज्यों में "उप-निबंधन" या। "उप-पंजीयन" कार्यालय में इस प्रकार के कार्य होते हैं तथा उन्ही कार्यालयों में प्लॉट आदि संपत्तियों के निबंधित विलेख सुरक्षित रखे जाते हैं।

प्लॉट से संबंधित निबंधित-विलेख (रजिस्ट्री) की सत्यता जांचने के लिए आपको कथित प्लॉट से संबंधित उप निबंधन / उप पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होकर प्लॉट के लेखपत्र (रजिस्ट्री) की सत्यता की खोज हेतु उचित स्टांप / शुल्क के साथ प्रार्थना पत्र देना होगा। आपको प्रार्थित दस्तावेज जांच हेतु उपलब्ध करा दिए जायेंगे जहां आप स्वयं कथित लेखपत्र (रजिस्ट्री) की सत्यता जांच सकते हैं।

आपके द्वारा उपलब्ध विवरण के अनुसार यदि उस संपत्ति का कोई दस्तावेज़ उप निबंधन कार्यालय में नहीं पाया जाता तो फिर आप समझ सकते हैं कि प्लॉट से संबंधित रजिस्ट्री फर्ज़ी है।

सीनियर सिटीजन के अधिकार ( 26-Apr-2022)

Senior Citizen Rights: कानून के इस प्रावधान के तहत अपने संपत्ति बचाने का है सीनियर सिटीजन को पूरा अधिकार?

Senior Citizen Rights: 2007 में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम (वरिष्ठ नागरिक अधिनियम) को लागू हुए 15 साल बीत चुके हैं, जो इस तरह के अधिकार प्रदान करता है.

Senior Citizen Rights
संपत्ति का मालिकाना हक बुजुर्ग माता-पिता और उनके बच्चों के बीच संबंधों के सबसे कठिन पहलुओं में से एक होता है। संतान की चाहत होती है विरासत में उन्हें संपत्ति मिले, तो माता-पिता अपने घर के स्वामित्व पर नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं। इन बातों को लेकर देश में पारिवारिक विवाद लगातार होते आये हैं. 

इस पारिवारिक रस्साकशी में, माता-पिता अक्सर दुश्मनी से बचने या उनके निधन के बाद विरासत के विवादों को रोकने के लिए परिवार के घर का स्वामित्व अपने बच्चों को ट्रांसफर कर देते हैं। लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है जब बुजुर्ग माता-पिता संतान पर निर्भर हो जाते हैं, तो बच्चों के लिए अपने माता-पिता को बुनियादी सुविधाएं या शारीरिक ज़रूरतें प्रदान करना बंद कर देना कोई असामान्य बात नहीं है। 

फिर भी, कई वरिष्ठ नागरिक बच्चों को हस्तांतरित संपत्ति को पुनः प्राप्त करने और अपने बच्चों या रिश्तेदारों को उनकी संपत्ति से हटाने या बेदखल करने की मांग करने के अपने कानूनी अधिकारों से अनजान हैं। हालाँकि, 2007 में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम (वरिष्ठ नागरिक अधिनियम) को लागू हुए 15 साल बीत चुके हैं, जो इस तरह के अधिकार प्रदान करता है, ऐसे अधिकारों के बारे में जागरूकता लोगों में बहुत कम है।

संपत्ति को कैसे फिर से करें हासिल
वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत, एक वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति किसी बच्चे को इस शर्त के साथ उपहार या हस्तांतरित कर सकता है कि बच्चा उन्हें बुनियादी सुविधाएं या शारीरिक जरूरतें प्रदान करेगा। यदि बच्चा ऐसा करने में विफल रहता है, तो वरिष्ठ नागरिक को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत स्थापित एक रखरखाव ट्रिब्यूनल से संपर्क करने का अधिकार है, ताकि उपहार या हस्तांतरण को धोखाधड़ी, जबरदस्ती या अनुचित प्रभाव में किए जाने के कारण अमान्य घोषित किया जा सके।

अपने अधिकारों की रक्षा के लिए, अपने बच्चे को संपत्ति उपहार में देने का प्रस्ताव करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को उपहार या हस्तांतरण करने के दौरान ये शर्त शामिल करना चाहिए कि बच्चे उनका ख्याल रखेंगे। यदि संतान शर्त का उल्लंघन करता है, तो वरिष्ठ नागरिक उपहार को अमान्य घोषित करने और वरिष्ठ नागरिक को संपत्ति वापस करने के लिए रखरखाव न्यायाधिकरण से संपर्क कर सकता है. 

ये जानना है जरुरी
यदि आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक है, तो आपको वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत 'वरिष्ठ नागरिक' माना जाएगा. 
वरिष्ठ नागरिकों के लाभ के लिए वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कई रखरखाव न्यायाधिकरण स्थापित किए गए हैं। 

यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं जो किसी बच्चे या उत्तराधिकारी को संपत्ति उपहार में देना या हस्तांतरित करना चाहते हैं, तो आप डीड में शर्त डालने पर विचार कर सकते हैं कि ऐसे बच्चे को उपहार देने या हस्तांतरण के बाद आपको बुनियादी सुविधाएं या भौतिक आवश्यकताएं प्रदान करना होगा। इस डीड का मसौदा तैयार करने या उसकी समीक्षा करने के लिए एक कानूनी सलाहकार को नियुक्त करें।

यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक हैं, जिन्होंने 2007 के बाद किसी बच्चे को संपत्ति उपहार में दी है या हस्तांतरित की है, और ऐसा बच्चा आपको बुनियादी सुविधाएं या भौतिक आवश्यकताएं प्रदान नहीं कर रहा है, तो आप उपहार को अमान्य घोषित करने के लिए रखरखाव न्यायाधिकरण से संपर्क कर सकते हैं, यदि उपहार डीड में ऐसी लिखा हो कि बच्चे या उत्तराधिकारी को आपका ख्याल रखना होगा.

यदि आप अपने साथ रहने वाले किसी बच्चे या रिश्तेदार के हाथों उत्पीड़न से पीड़ित हैं, तो आप ऐसे बच्चे रिश्तेदार को अपने घर से बेदखल करने के लिए भरण-पोषण न्यायाधिकरण से संपर्क कर सकते हैं. 

संपत्ति से बच्चों की बेदखली
बच्चों द्वारा माता-पिता का उत्पीड़न किए जाने वाले ऐसी स्थितियों से निपटने के दौरान, अदालतों का रुख बुजुर्गों के प्रति सकारात्मक रहा है। वरिष्ठ नागरिक अधिनियम में संपत्ति से बेदखली या हटाने का प्रावधान नहीं है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय सहित भारतीय अदालतों ने उत्पीड़न या गैर-रखरखाव के मामले में वरिष्ठ नागरिकों की संपत्ति से बच्चों या रिश्तेदारों को बेदखल करने या हटाने का आदेश दिया है। अदालतों ने बच्चों को माता-पिता के घर से हटाने का भी आदेश दिया है, जब बच्चों ने अपने माता-पिता को संपत्ति हस्तांतरित करने के लिए परेशान करने का सहारा लिया है।

हाउस बनाम विला (8-May-2022)

हाउस बनाम विला

संभावित घर खरीदार अक्सर सोचते है कि एक स्वतंत्र मकान और एक विला के बीच वास्तव में अंतर क्या है। आइए स्पष्ट करें कि कोई भी दूसरे से बेहतर नहीं है, यह केवल आपके बजट, आपकी पसंद, इलाके और वरीयता जैसे कारकों की संख्या पर निर्भर करता है। हमने कुछ बिंदुओं में विला बनाम मकान की तुलना की है, ताकि आप एक अच्छा खरीदारी निर्णय ले। 

अधिकतर लोगो के जीवन में एक बिंदु ऐसा होता है जहां उन्हें उधम मचाते मकान मालिकों और किराये के एक घर से दूसरे घर बदलने की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। और पक्षियों की तरह, हर व्यक्ति अपने लिए एक दिन एक घोंसला बनाने की इच्छा रखता है, एक सपनों का घर जहां वह हर चीज का राजा होता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि इसलिए आप अंतिम निर्णय लेने से पहले अपना शोध पहले से कर लें। चूंकि घर खरीदना एक बहुत बड़ा निवेश है और इसलिए यह उचित है कि आप पहली बार में ही सही निर्णय लें। तो आइए दोनों के कुछ पक्षों और विपक्षों पर गहराई से विचार करें जो आपको अपना अंतिम निर्णय लेने में मदद करेंगे।

लोकैलिटी / इलाका
विला ज्यादातर विशिष्ट क्षेत्रों में स्थित और निर्मित होता है। चूंकि विला खरीदार अधिक से अधिक गोपनीयता चाहते हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उन्हें भीड़ से दूर बनाया जाए। साथ ही, जिस स्थान तक पहुंचना मुश्किल है, वहां भी विलासिता की भावना का अनुभव होता है। जबकि किसी भी तरह की जमीन पर स्वतंत्र मकान का निर्माण किया जा सकता है, चाहे वह किसी भी इलाके का हो। 

डिजाइन
विला और स्वतंत्र घर सभी व्यक्तिगत आवास हैं जिनमें रहने की जगह आरामदायक और विशाल है। वे प्रत्येक अपने स्वयं के जमीन के हिस्से में हैं जो घर के साथ भी आते हैं। किसी बिल्डर और डेवलपर द्वारा विकसित किये जाने वाली विला आवास योजनाओ में सभी विला की डिज़ाइन समान पाई जा सकती है।  विला निर्माण कमर्शियल, कार्यालय स्थान, दुकानों आदि के समान है। विला आमतौर पर वास्तुकला, डबल-स्टोरी में आधुनिक होते हैं और नवीनतम लक्जरी जीवन शैली को पेश करते है। आम तौर पर स्वतंत्र घर/मकान (बंगलों के रूप में भी जाना जाता है) पारंपरिक डिजाइन पेश करते हैं।

सुविधाएं
उनके साथ आने वाली आलीशान सुविधाओं की अधिकता विला की एक महत्वपूर्ण विशेषता है। इसमें स्विमिंग पूल, लॉन स्पोर्ट्स के लिए कोर्ट, जॉगिंग पथ, पार्क, बच्चों के लिए खेल के मैदान, जिम आदि शामिल हो सकते हैं।
ईमानदारी से कहे तो यह इस बात पर निर्भर करता है कि ऐसी सुविधाओं के लिए आपके पास कितना बजट है। जबकि जब हम स्वतंत्र घर/मकान के बारे में बात करते हैं, तो आपको ऐसी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। मकान दैनिक जीवन के लिए एक सभ्य आकार का पारिवारिक घर है।

सुरक्षा
अपनी 24X7 निगरानी सेवाओं के साथ, विला एक सुरक्षित और संरक्षित परिसर के अंदर स्थित होते हैं। विला मालिकों को आश्वस्त होना चाहिए कि उनकी संपत्ति सुरक्षित है जबकि वे काम पर या छुट्टी पर व्यस्त हैं। व्यक्तिगत घर, बर्बरता या डकैती के लिए खुले होते हैं। बहुत कम एकल घर के मालिक सुरक्षा के लिए कीमत चुकाने में सक्षम होते है।   

जीवन शैली
विला में नियोजित सड़क, फुटपाथ, सुन्दर हेजेज, लॉन और पार्क होते हैं, जिनकी अपनी शांत आंतरिक सड़कें होती हैं। अपने पालतू कुत्ते के साथ सुबह की सैर या शाम की सैर का आनंद लेने के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और कम प्रदूषित स्थान हैं, जिनमें कारों द्वारा इधर-उधर जाने का जोखिम नहीं है। सुबह की सैर या शांत शाम की सैर, जैसा कि कल्पना की जा सकती है, सार्वजनिक सड़कों पर स्वतंत्र मकान वासियो के लिए काफी बुरे सपनें सा बन सकती है।

पड़ोसी
जब आप एक विला में रहते है, तो आप अपने आस-पास के पड़ोसियों के बारे में सुनिश्चित हो सकते हैं। लगभग सभी की सामाजिक प्रतिष्ठा आपके जैसी ही होगी। जबकि जब हम स्वतंत्र घरों के बारे में बात करते हैं, तो यह निश्चित गारंटी नहीं हो सकता है।

सामाजिक स्थिति
विला खरीदना और रहना सामाजिक स्थिति के बारे में भी होता है। यदि आप एक विला में रह रहे हैं, तो यह माना जाता है कि आप समाज के एक उच्च वर्ग के हैं। जबकि स्वतंत्र घर पूरे इलाके में फैले हुए हैं, इसलिए आप विला जीवन की तुलना में स्वतंत्र घर वाले में काफी फर्क की उम्मीद कर सकते हैं।

विलासिता
विला अपने अस्तित्व मात्र से विलासिता बताता है। यह कुछ चुनिंदा लोगों का घर है जो प्राइवेसी, सुविधाओं और बजट की सीमाओं से आगे होता है।  स्वतंत्र घर आपके और परिवार के लिए एक आरामदायक जीवन जीने के बारे में है। इसमें वह सब कुछ है जो आराम के जीवन के लिए आवश्यक है।

एक निवेश विकल्प के रूप में
आमतौर पर विला मालिक विला को निवेश के विकल्प में देखने की बजाय विश्वस्तरीय जीवनशैली के रूप में देखते है। आमतौर पर ऐसे लोग विला खरीदने के लिए होम लोन पर निर्भर नहीं होते।  ऐसे लोगो से घर एक निवेश जैसी बाते अप्रासंगिक होती है। कम कीमत वाली सम्पत्तियाँ बजट प्रॉपर्टीज होती है।  बजट प्रॉपर्टीज मुख्य रूप से उन जगह पाई जाती है, जहाँ कीमत वृद्धि की सम्भावनाये होती है। इसलिए स्वतंत्र मकान निवेश का एक विकल्प हो सकते है।  

ऋण
होम लोन के लिए आवेदन करना विला और घर दोनों के लिए एक आसान काम होता है। कोई व्यक्ति एक विला खरीदने की योजना बना रहा है, यह माना जाता है कि उसके पास अच्छा क्रेडिट है, इसलिए किसी भी प्रकार का लोन लेना मुश्किल नहीं होता । विला आमतौर पर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में होते है, इसलिए होम लोन राशि अधिक मिल सकती है, जबकि स्वतंत्र मकानों के लिए आमतौर पर होम लोन राशि विला की तुलना में कम होती है। 

मकान और विला के बीच अंतर: क्या यह वास्तविक है?
हर कोई चाहता है कि एक दिन उसका अपना घर हो और जब आप वास्तव में एक में निवेश करने में सक्षम होते हैं, तो निश्चित रूप से कई प्रश्न मन में होंगे। पहला, निश्चित रूप से आपके सपनों के घर का स्थान (लोकेशन) है।

दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा, जो सामने आता है वह है घर का प्रकार, जिसमें निवेश करना है। दोनों, घरों और विला के अपने फायदे और नुकसान हैं, लेकिन आपको डिजाइन और सजावट, लेआउट आदि में बहुत कुछ समायोजित करने की आवश्यकता नहीं होगी। आप को एक सही निर्णय लेने के लिए विला बनाम स्वतंत्र घर के उपरोक्त कारकों पर विचार करना होगा।

क्या प्रोपर्टी निवेश शेयरों की तुलना में सुरक्षित है? (25-June-2022)

क्या प्रोपर्टी निवेश शेयरों की तुलना में सुरक्षित है?

कुछ दिन पहले मेरे एक परिचित ने पूछा कि "रमेश जी, आपके पास रियल एस्टेट और शेयर मार्केट, दोनो क्षेत्रों में काम करने और निवेश का अनुभव है। टीवी अखबार के विज्ञापन बताते है कि म्यूचुअल फंड बेस्ट इन्वेस्टमेंट है। अनुभवी दोस्त और बड़े बुजुर्ग कहते है प्रोपर्टी ही असल सम्पत्ति है, इसलिए रियल एस्टेट कहते है। कुछ निवेश एक्सपर्ट कहते है कि रिलायंस, इन्फोसिस के शेयर जिसने सही समय पर लिए आज वे करोड़पति है। बड़ा कन्फ्यूजन है!" 
मैने उनको दोनो तरह के निवेश के फायदे और दिक्कतें बताई। उन्ही बातो को अधिक लोगो तक पहुंचाने के लिए यह ब्लॉग लिखा है, ताकि मेरे अनुभव का लाभ नए निवेशकों और इस तरह की सलाह के इच्छुक लोगो को मिल सके। 

सभी उपयुक्त कारकों को देखेंगे तो पाएंगे कि प्रोपर्टी निवेश शेयर बाजार के निवेश की तुलना में फायदेमंद विकल्प है क्योंकि तुलनात्मक रूप से यह कम जोखिम भरा और लंबे समय में अधिक लाभदायक रहता है। 

बेशक, यह एक लंबी अवधि का निवेश है और जब तक बाजार अपनी वास्तविक क्षमता तक नहीं पहुंच जाता, तब तक किसी अचल संपत्ति को अपने पास रखना चाहिए। हालाँकि, कोविड -19 महामारी ने अचल संपत्ति में निवेश करने की ओर एक भीड़ पैदा कर दी है, क्योंकि चारों ओर एक भावना है कि चीजें केवल इसी निवेश से बेहतर हो सकती हैं।

अचल संपत्ति बनाम स्टॉक (शेयर) एक बारहमासी बहस है और दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। स्टॉक खरीदते समय, आप वास्तव में कॉर्पोरेट इकाई का एक बहुत छोटा हिस्सा लेते हैं, और यदि कंपनी का स्टॉक बढ़ता है या लाभांश (डिविडेंड) के माध्यम से आप लाभ कमा सकते हैं। अचल संपत्ति में निवेश करते समय, आप वास्तव में जमीन या संपत्ति का भौतिक अधिग्रहण करते हैं। आप अपने निवेश से किराये से एक स्थिर आय अर्जित कर सकते हैं और संपत्ति के मूल्य वृद्धि होने पर आप लाभ कमा सकते हैं। हालांकि प्रोपर्टी निवेश स्टॉक के समान तरलता प्रदान नही करता। 

दूसरी तरफ, शेयर बाजार अप्रत्याशित हो सकता है और निवेश पर लाभ अपेक्षाओं से कम हो सकता है। शेयर बाजार में कई जोखिम होते है जैसे बाजार जोखिम, मुद्रास्फीति या आर्थिक जोखिम इत्यादि। शेयरों के मूल्य भी बेहद अस्थिर हो सकते हैं और बाजार में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक घटनाओं या आंतरिक कॉर्पोरेट मामलों के अधीन भी हो सकते हैं।

ये अचल संपत्ति और शेयरों में निवेश करने के कुछ फायदे और नुकसान हैं:

अचल संपत्ति लाभ
 # यह निष्क्रिय आय ( passive income) का स्रोत है। 
 # महंगाई के साथ बढ़ती रह सकती है किराये की आय। 
 #कर लाभ प्रदान करता है। यदि कोई अन्य संपत्ति, एक संपति बिक्री के बाद खरीदी जाती है तो पूंजीगत लाभ (कैपिटल गैन) करों को स्थगित किया जा सकता है। 
 # महंगाई से बचाव है ये निवेश। 

अचल संपत्ति के नुकसान
 # इसमें स्टॉक खरीदने से ज्यादा मेहनत/ऊर्जा लगती है। 
 # अचल संपत्ति में निवेश करना महंगा होता है और पैसा अल्प अवधि में लॉक हो सकता है। 
 # लेन-देन की लागत बहुत अधिक है। 
 # इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि मूल्य बढ़ोतरी होगी। 

स्टॉक लाभ
 # इसमें निवेश अत्यधिक तरल रहता है। 
 # विविधता लाना आसान है। 
 # लेन-देन शुल्क नाममात्र के हैं। 
 # कर लाभ के साथ सेवानिवृत्ति खातों में जोड़ा जा सकता है

स्टॉक नुकसान
 #यह बहुत अधिक अस्थिर है। 
 # राजकोषीय नीति, कर संशोधन, विनियम, आरबीआई ब्याज दरों से जुड़े जोखिम। 
 #बिक्री के बाद लाभ पर बड़े कर हो सकते हैं। 
 # आपके चुने हुए शेयर लंबे समय तक खराब प्रदर्शन कर सकते हैं। 
 # आप भावनात्मक आग्रह पर निवेश करने का जोखिम उठाते हैं। 

कोविड महामारी के बाद, अस्थिरता के साथ, निफ्टी पिछले एक साल में लगभग 20% गिर गया और कई निवेशकों ने अपनी पूंजी का 50 से 70% खो दिया है। दूसरी तरफ, रियल एस्टेट बाजार में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं और पिछले दो साल में प्रॉपर्टी बाजार में जबरदस्त मांग और कीमतों में उछाल देखा गया है। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि लगभग 25% भारतीय इस समय शेयरों में निवेश करने का विकल्प चुन रहे हैं, जबकि 70% से अधिक लोग अभी भी महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में संपत्ति खरीदने में अपना विश्वास बनाए हुए हैं।

याद रखने वाली चीज़ें
 # निवेश का निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत होता है, जो वित्त, जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है
 # रियल एस्टेट स्टॉक की तरह तरल नहीं है और इसके लिए समय और धन की आवश्यकता होती है। लेकिन यह पर्याप्त कीमत वृद्धि प्रदान कर सकता है। 
 # जबकि स्टॉक आसानी से खरीदे और बेचे जा सकते हैं, वे बाजार, आर्थिक और मुद्रास्फीति संबंधी जोखिमों के प्रति संवेदनशील होते हैं

इसलिए आप जिस भी साधन में निवेश करना चाहते हैं, अपना शोध अच्छी तरह से करें ताकि आप एक सूचित निर्णय ले सकें। शेयर बाजार में निवेश से पहले इसका अच्छी प्रकार अध्ययन जरूर करे क्योंकि आधे से अधिक लोग शेयर बाजार में पैसा कमा नही पाते। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि अचल संपत्ति में निवेश के लिए, समय सही हो रहा है, चाहे आप खरीद रहे हों या बेच रहे हों। जब कीमतें कम हों तो निवेश करना और जल्द ही बढ़ने की संभावना के साथ निवेश करना और जब कीमत वक्र अपने चरम पर पहुंच गया है, तो बेचना बुद्धिमानी है, ताकि आप आकर्षक रिटर्न का आनंद उठा सकें।

अजमेर : सिटी ऑफ स्मार्ट सिटीजंस ( 26 June 2022)

अजमेर : सिटी ऑफ स्मार्ट सिटीजंस
क्या आप चाहते है अजमेर स्मार्ट सिटी बने❓अगर हां तो यह ब्लॉग जरूर पढ़े‼️

साल 2015 में भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 शहरो को साल 2022 तक स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की थी। इन सौ शहरो में अजमेर का भी नाम सुन कर दिल गार्डन गार्डन हो गया था। रोज सुबह व्हाट्सएप पर कई गुड मॉर्निंग और सकारात्मक सोच वाले मैसेज आते है और कभी कभार पढ़ भी लेते है और दिल दिमाग को पॉजिटिव रहने के लिए आदेश (निवेदन) करते है। उसी पॉजिटिव सोच ने उम्मीद बंधाई थी कि साल 2022 यानी इसी साल में हमारा अजमेर स्मार्ट सिटी बन जायेगा। अब पाठको को शायद लगे कि ऑप्टिमिस्टिक (आशावादी) होने की बजाय रियलिस्टिक ( यथार्थवादी) होना जरूरी है। 

इस ब्लॉग का उद्देश्य प्रशासन को कोसना नही है और ना कि सरकारों के झूठे वादों और झुमलो पर कटाक्ष करना है। मेरे मन में एक सकारात्मक व्यवस्था परिवर्तन का विचार आया और सोचा आप लोगो के साथ साझा करू ताकि कुछ सकारात्मक व्यवस्था परिवर्तन की ओर अग्रसर हो सके। 

मेरी जानकारी के अनुसार अजमेर ब्रेन ड्रेन ( प्रतिभा पलायन) का सबसे बड़ा उदाहरण है। अजमेर का नाम शिक्षा के क्षेत्र में काफी बड़ा है और अजमेर से पढ़े छात्र दुनिया भर में सफलता के झंडे गाड़ रहे है। इसके अतिरिक्त अजमेर में सिंधी समाज से कई लोग विदेशो में सफ़लता पूर्वक काम करते है। अजमेर की जनसंख्या में लगभग 22% सिंधी है और कहा जाता है कि हर घर से एक एनआरआई है। ये सफल अजमेरी और एनआरआई अधिकतम निवेश अपने अजमेर में करते है और पिछले कुछ साल से उम्मीद करते हैं कि अजमेर स्मार्ट सिटी बनेगा और हम अजमेर में रिटायर जीवन गुजार सकेंगे। 
पर दुख की बात है इतना अच्छा शिक्षा और धन निवेश का केंद्र होने के बाद भी अजमेर उतना स्मार्ट नही बना जितना बेहतर कोटा और उदयपुर बन गए।  

कुछ दिन पहले इन्ही विचारो के कारवां ने एक विचार कौंधा कि क्या अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाना सरकार या प्रशासन अकेले की जिम्मेदारी है! या हम नागरिकों का भी कोई कर्तव्य / जिम्मेदारी है !! इंटरनेट पर घूमा तो पाया कि स्मार्ट सिटी के लिए प्रशासन और नागरिक दोनो जिम्मेदार है। अब प्रशासन/सरकार से उम्मीद रखने की बजाय क्या हम सिटीजन अजमेर को स्मार्ट सिटी नही बना सकते ?? 

इस ब्लॉग के माध्यम से मैं अजमेर के जागरूक और प्रगतिशील सिटीजन से अनुरोध करना चाहूंगा कि कम से कम हम नागरिक तो अपना योगदान दे। अब सवाल उठता है कि हम सिटीजन कैसे अजमेर को स्मार्ट सिटी बना सकते है? इसके लिए मैंने जानकारी जुटाने का प्रयास किया है। सबसे पहले यह जानते है कि स्मार्ट सिटी होता क्या है। गूगल भाई ने विकिपीडिया के हिंदी रूपांतरण में बताया कि 
"एक स्मार्ट सिटी एक तकनीकी रूप से आधुनिक शहरी क्षेत्र है जो विशिष्ट डेटा एकत्र करने के लिए विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक तरीकों, आवाज सक्रियण विधियों और सेंसर का उपयोग करता है । उस डेटा से प्राप्त जानकारी का उपयोग संपत्तियों, संसाधनों और सेवाओं को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए किया जाता है; बदले में, उस डेटा का उपयोग पूरे शहर में परिचालन को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। इसमें नागरिकों, उपकरणों, इमारतों और संपत्तियों से एकत्र किया गया डेटा शामिल है जिसे यातायात और परिवहन प्रणालियों, बिजली संयंत्रों, उपयोगिताओं, जल आपूर्ति नेटवर्क, अपशिष्ट, अपराध का पता लगाने, उनकी निगरानी और प्रबंधन के लिए संसाधित और विश्लेषण किया जाता है।"

संक्षेप में कहें तो "बेहतर यातायात, जल-विद्युत-सफाई व्यवस्था वाला शहर"

इस व्यवस्था में हम सिटीजन इस प्रकार योगदान कर सकते है: 
👉 सफाई/स्वच्छता : नागरिक निर्धारित स्थान के अलावा कहीं भी कचरा न फेंके, ना थूंके। अन्य नागरिकों को सफाई रखने हेतु प्रोत्साहित करे। अपने अपने पार्षद को गंदगी के बारे में व्हाट्सअप करे और फोटो भेजे। आजकल हर क्षेत्र के मुख्य स्थान पर पार्षद के नंबर लिखे हुए है। 

👉 यातायात के नियमो का पालन करे। वाहन निर्धारित स्थान पर पार्क करे। बेवजह हॉर्न न बजाए। हाईवे पर निर्धारित लाइन में निर्धारित गति से वाहन चलाए। 

👉 टूटी हुई सड़को के लिए प्रशासन का इंतजार करने की बजाय आसपास के लोग प्रति व्यक्ति 100-200 रुपए इकट्ठा कर सीमेंट से पेचवर्क कराए। इस कार्य में असुविधा हो तो मुझसे संपर्क करे। 

👉 जल संरक्षण करे। जल हैं तो कल है। नए घर के निर्माण के समय वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए। कुछ पैसा अधिक लगेगा लेकिन भविष्य में कई गुना पैसा बचेगा। 

👉 संभव हो तो सोलर पैनल लगाए। बैंक में एफडी करवाने से बेहतर है सोलर पैनल लगाए और एफडी के ब्याज से ज्यादा पैसे बचाएं। 

👉 किसी अनुभवी प्रबुद्ध व्यक्ति ने बताया कि आवारा पशुओं को गलियों में रोटी और चारा देने के बजाय गऊशाला में दान करे। शहर में आवारा कुत्ते, गाय और बंदर कम हो जायेंगे। 

📌 अगर आपके पास भी और कोई सुझाव हो तो कृपया शेयर करे। उसे सबके साथ साझा करने का प्रयास करेंगे। ये छोटे छोटे प्रयास बड़े परिणाम देंगे। मैने जापान और जर्मनी के बारे में अध्ययन किया तो यही पाया कि शहरो के स्मार्ट होने में सिटीजन का योगदान अधिक होता है। सरकार और कुछ नही, हम नागरिकों का प्रतिनिधित्व मात्र है। जैसे हम नागरिक होंगे, वैसी सरकार होगी। हम सिर्फ अपनी अपनी जिम्मेदारी समझ कर छोटे छोटे प्रयास करे तो हमारे अजमेर को स्मार्ट सिटी जल्द बनाया जा सकता है। 

आपके सुझाव और विचार आमंत्रित है, जो अजमेर को स्मार्ट सिटी और बेहतर बनाने में मदद करे। अगर यह मैसेज सार्थक लगे तो आगे जरूर फॉरवर्ड करे। 

आभार
रमेश टेहलानी 
अजमेर सिटीजन

मंगलवार, 5 जुलाई 2022

स्मार्ट सिटीजन कैसे होते है ? (4-July-2022)

पिछले ब्लॉग पर कई सकारात्मक जवाब मिले और कुछ सुझाव और सवाल भी मिले। किसी मित्र ने सवाल किया कि स्मार्ट सिटीजन कैसे होते है? और सुझाव दिया कि जवाब को अपने ब्लॉग के जरिए सबसे साझा करू। यह ब्लॉग उसी संदर्भ में : 


स्मार्ट सिटीजन में सिविक सेंस अच्छा होता है। अच्छे सिविक सेंस के कुछ उदाहरण :


📌 वे सड़को, गलियों और सार्वजनिक संपत्ति को साफ सुथरा रखते है। 

📌 सार्वजनिक स्थान पर न थूकते है और ना सिगरेट पीते हैं। 

📌 पंक्ति में अनुशासन से चलते हैं और अपनी बारी का नियमानुसार इंतजार करते है। 

📌 अपने और दूसरो के समय की कद्र करते है। 

📌 अन्य नागरिकों का सम्मान और बड़ो की मदद करते हैं। 

📌 ट्रैफिक नियमों का पालन करते है। हॉर्न नही बजाते। अपनी कार को अगली कार से निश्चित दूरी (इतनी दूरी कि पिछली कार के ड्राइवर को आगे वाली कार के टायर नजर आए) पर रखते हैं। निर्धारित स्थान पर पार्किंग करते है, ताकि अन्य नागरिकों को दिक्कत न हो। 

📌 समय पर टैक्स, कर्ज और बिलों का भुगतान करते है। 

📌 मतदान करते हैं। 


हम भारतीय अपनी सभ्यता पर गर्व करते है। क्या हम अपने सिविक सेंस पर गर्व कर सकते हैं? अगर आपको गर्व है तो आपको धन्यवाद। अगर गर्व नही है तो इन छोटी छोटी बातो को जीवन का हिस्सा बना कर हम अपने सिविक सेंस पर भी गर्व कर सकते है और स्मार्ट सिटीजन होने का उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। 

सामाजिक नैतिकता तभी स्थापित होगी जब समाज के जिम्मेदार नागरिक अच्छे सिविक सेंस का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। एक जिम्मेदार नागरिक की मिसाल बनकर जागरूकता फैलाएं। यदि आप कूड़ा-कर्कट करेंगे, तो अन्य लोग अनुसरण करेंगे। जो बदलाव आप चाहते हैं, वह बनें।


आइए हम छोटे बदलाव कर अपने शहर को स्मार्ट सिटी बनाए